विद्यालयों को आपदा एवं जोखिमों से सुरक्षित बनाने की पहल, राज्य स्तरीय प्रशिक्षण शुरू

बिहार शिक्षा परियोजना परिषद और यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण का शुभारंभ, जिलों के चयनित मास्टर प्रशिक्षकों को दी जाएगी विशेष ट्रेनिंग
पटना, 30 अक्टूबर: विद्यालयों को आपदा एवं विभिन्न प्रकार के जोखिमों से सुरक्षित बनाने तथा विद्यार्थियों के लिए भयमुक्त और सुरक्षित शैक्षिक वातावरण विकसित करने के उद्देश्य से बिहार शिक्षा परियोजना परिषद एवं यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को विद्यालय सुरक्षा एवं संरक्षा विषय पर दो दिवसीय आवासीय राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। पटना के पनाश होटल में आयोजित इस प्रशिक्षण में राज्य के विभिन्न जिलों से चयनित मास्टर प्रशिक्षक भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी श्री मेहताब रहमानी की गरिमामयी उपस्थिति में दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम का संचालन बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के सहायक राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी (एएसपीओ) श्री उदय कुमार उज्ज्वल ने किया। इस अवसर पर यूनिसेफ के शिक्षा विशेषज्ञ बसंत कुमार सिन्हा, आपदा जोखिम न्यूनीकरण (डीआरआर) विशेषज्ञ राजीव कुमार, यूनिसेफ के राज्य सलाहकार डाॅक्टर पल्लव कुमार सहित अन्य विशेषज्ञ एवं संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में आपदा प्रबंधन की प्रभावी व्यवस्था विकसित करना, संभावित खतरों की समय रहते पहचान करना तथा आपदा की स्थिति में त्वरित, सुरक्षित और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों की क्षमता बढ़ाना है। इसके तहत विद्यालय सुरक्षा एवं संरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन दिया जा रहा है। प्रशिक्षण सत्रों में विद्यालय आपदा प्रबंधन योजना (एसडीएमपी), संभावित खतरों की पहचान एवं आकलन, हैजार्ड हंट, आपदा से पूर्व तैयारी, आपदा के दौरान सुरक्षित प्रतिक्रिया तथा आपदा के बाद पुनर्बहाली जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। साथ ही, विद्यालय परिसर में जोखिमों की पहचान, सुरक्षित निकासी योजना तैयार करने, मॉक ड्रिल आयोजित करने और विद्यार्थियों को आपदा के प्रति जागरूक बनाने के व्यावहारिक तरीकों पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। इसी कड़ी में, अगले पंद्रह दिनों में चार बैचों के ज़रिए सभी 38 ज़िलों के चयनित शिक्षकों का प्रशिक्षण पूरा किया जाएगा।
विद्यालय स्तर तक पहुँचेगा सुरक्षा का संदेश:
इस प्रशिक्षण की महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें प्रशिक्षित मास्टर प्रशिक्षक अपने-अपने जिलों में अन्य शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। इससे विद्यालयों में सुरक्षा संबंधी जानकारी, आपदा प्रबंधन की समझ और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारी को व्यापक स्तर पर मजबूत करने में मदद मिलेगी। प्रशिक्षण के माध्यम से शिक्षकों को इस दिशा में सक्षम बनाने पर जोर दिया जा रहा है कि वे विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही न दें, बल्कि उन्हें सुरक्षित व्यवहार, सतर्कता और आपदा के समय उचित निर्णय लेने के लिए भी तैयार करें।
विद्यालय सुरक्षा एवं संरक्षा की यह पहल शिक्षा व्यवस्था में सुरक्षा को प्राथमिकता देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसका व्यापक उद्देश्य विद्यालयों को संभावित आपदाओं एवं जोखिमों के प्रति अधिक सक्षम बनाना, शिक्षकों की तैयारी को सुदृढ़ करना तथा प्रत्येक बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी व्यवस्था विकसित करना है।