कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा आंतरिक समिति का उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण

पटना, 27 अक्टूबर 2026।
कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा, गरिमा एवं सम्मान सुनिश्चित करने तथा यौन उत्पीड़न से संबंधित शिकायतों के प्रभावी निवारण की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार द्वारा आंतरिक समिति (Internal Committee) के सदस्यों के लिए उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 27, 28 एवं 29 अक्टूबर 2026 को होटल चाणक्या, पटना में तीन अलग-अलग बैचों में आयोजित किया जा रहा है।
“Strengthening Internal Committee Effectiveness: From Compliance to Competent Redressal” विषय पर आधारित इस कार्यक्रम का उद्देश्य कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 (POSH Act, 2013) के प्रभावी क्रियान्वयन तथा आंतरिक समितियों की कार्यक्षमता एवं तकनीकी दक्षता को सुदृढ़ करना है।
कार्यक्रम में पद्मश्री सुधा वर्गीज ने विशेष अतिथि एवं बाह्य सदस्य (External Member) के रूप में सहभागिता की। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास निगम की POSH नोडल पदाधिकारी एवं राज्य परियोजना प्रबंधक अंकिता कश्यप तथा प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण प्रबंधक दशमीरंजन भी उपस्थित रहे।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में C3 (Centre for Catalyzing Change) की भी सहभागिता रही। संस्था की ओर से सुश्री गुंजन बिहारी ने प्रतिनिधित्व करते हुए प्रशिक्षण सत्रों में विषयगत विशेषज्ञता एवं मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यक्रम का उद्देश्य विभिन्न संस्थानों की आंतरिक समितियों को POSH अधिनियम के प्रभावी अनुपालन एवं शिकायतों के उचित निस्तारण के लिए सक्षम बनाना है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि भी भाग ले रहे हैं। अन्य विभागों के प्रतिनिधियों की सहभागिता आगामी प्रशिक्षण सत्रों में भी जारी रहेगी, जिससे विभिन्न सरकारी संस्थानों में POSH अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन तथा शिकायत निवारण व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा सके।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को POSH अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों, आंतरिक समिति की भूमिका एवं जिम्मेदारियों, शिकायतों की जांच की प्रक्रिया, साक्ष्यों के मूल्यांकन, निष्पक्ष सुनवाई तथा जांच रिपोर्ट तैयार करने से संबंधित महत्वपूर्ण पहलुओं पर तकनीकी जानकारी प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त, केस स्टडी एवं व्यावहारिक अभ्यास के माध्यम से शिकायतों के निष्पक्ष, संवेदनशील और समयबद्ध निस्तारण की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य आंतरिक समिति के सदस्यों को केवल कानूनी अनुपालन तक सीमित न रखते हुए उन्हें शिकायतों के प्रभावी निवारण के लिए व्यावहारिक रूप से सक्षम बनाना है। इससे संस्थानों में जवाबदेही बढ़ाने, शिकायतकर्ताओं की गोपनीयता बनाए रखने तथा महिलाओं के लिए सुरक्षित, समावेशी एवं सम्मानजनक कार्यस्थल सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।
महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा, लैंगिक समानता को बढ़ावा देने तथा कार्यस्थलों पर सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए जागरूकता, प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।