पश्चिम चंपारण के योगापट्टी में बाढ़ पीड़ितों की मदद को आगे आए संवेदनशील हाथ: 200 परिवारों के बीच राहत सामग्री का वितरण

बेतिया/योगापट्टी: बाढ़ की त्रासदी से जूझ रहे बिहार के ग्रामीण इलाकों में प्रभावित परिवारों की मदद के लिए जन-सहयोग और सामुदायिक प्रयास एक बड़ी मिसाल बनकर सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में 14 अक्टूबर 2026 को पश्चिम चंपारण जिले के योगापट्टी प्रखंड अंतर्गत सिसवा मंगलपुर पंचायत स्थित मुसहर टोला और चौमुखा पंचायत के चौमुखा गाँव में कुल 200 बाढ़ पीड़ित परिवारों के बीच राहत किट का सफलता पूर्वक वितरण किया गया।
बाढ़ प्रभावित परिवारों को इस भीषण स्थिति में राहत और सम्मानजनक जीवन में सहयोग देने के उद्देश्य से प्रत्येक परिवार को एक किट सौंपी गई, जिसमें एक कंबल, एक दरी, एक साबुन और सेनेटरी नैपकिन का एक पैकेट (16 पीस) शामिल था।
आईपीएस अफसरों की पत्नियों की समिति (IPSOWA) और जन-सहयोग की महती भूमिका
यह संपूर्ण राहत अभियान क्राउड-फंडिंग (जन-सहयोग) तथा आईपीएस ऑफिसर्स वाइव्स एसोसिएशन (IPSOWA) के ₹24,000 के अमूल्य आर्थिक सहयोग से संभव हो सका। आयोजकों ने IPSOWA की अध्यक्षा श्रीमती अर्चना गंगवार एवं एसोसिएशन की सभी सदस्यों के प्रति इस मानवीय पहल में दिए गए योगदान के लिए गहरा आभार व्यक्त किया।
इसके साथ ही, फंड जुटाने और इस अभियान को मजबूती प्रदान करने में श्री राजीव कुमार, डॉ. कुमार विमलेंदु सिंह, श्रीमती मधुरिमा राज, श्री आशुतोष कश्यप, श्री बिनीत कुमार, श्री निर्भय नाथ मिश्रा और श्री आनंद कुमार सहित देश-विदेश में मौजूद दर्जनों संवेदनशील समर्थकों, परिजनों व शुभचिंतकों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।

स्थानीय संस्थाओं और जमीनी टीम का मुकम्मल प्रबंधन
राहत सामग्री के सुचारू, पारदर्शी और व्यवस्थित वितरण के लिए स्थानीय स्तर पर बेतिया स्थित BIAG की सहयोगी संस्था SSEVS ने लॉजिस्टिक्स की पूरी कमान संभाली। SSEVS के सचिव सिद्धांत जी और उनकी समर्पित टीम ने धरातल पर लगन के साथ कार्य करते हुए यह सुनिश्चित किया कि मदद सीधे जरूरतमंदों तक पहुँचे।
वितरण कार्यक्रम को गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए स्वामी विवेकानंद नेशनल स्कूल (रामपुरवा, योगापट्टी) के निदेशक श्री सचिन जायसवाल ने विद्यालय परिसर का स्थान उपलब्ध कराया।
राहत और सम्मान की छोटी सी कोशिश
अभियान से जुड़े प्रतिनिधियों ने व्यक्त किया कि यद्यपि बाढ़ की आपदा अत्यधिक व्यापक है और वे और भी अधिक परिवारों तक पहुँचना चाहते थे, लेकिन इस छोटी सी पहल के ज़रिए बाढ़ से प्रभावित अत्यंत निर्धन व वंचित परिवारों को गर्माहट, संबल और सम्मान देने का प्रयास किया गया है। जन-सहभागिता और विश्वास के बल पर चलाए गए इस मानवीय प्रयास की स्थानीय स्तर पर काफी सराहना हो रही है।