बिहार में आईटी क्रांति की नई नींव: पटना के गर्दनीबाग में बनेगा अत्याधुनिक ‘इंटीग्रेटेड टेक पार्क’
विशेष संवाददाता | लोकनीति
पटना: बिहार को सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और स्टार्टअप्स के राष्ट्रीय पटल पर एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। राजधानी पटना के गर्दनीबाग क्षेत्र में एक ‘स्टेट ऑफ द आर्ट’ (State of the Art) इंटीग्रेटेड टेक पार्क का निर्माण किया जाएगा।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए राज्य के सूचना प्रावैधिकी (IT) विभाग और केंद्र सरकार की नवरत्न कंपनी NBCC India के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता ज्ञापन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की गरिमामयी अध्यक्षता में संपन्न हुआ।
3.8 एकड़ में फैलेगा 7.5 लाख वर्ग फीट का ढांचा
योजना के अनुसार, गर्दनीबाग में स्थित लगभग 3.8 एकड़ की प्राइम लैंड पर इस विशाल टेक पार्क का निर्माण किया जाएगा। इसमें कुल 7.5 लाख वर्ग फीट का अत्याधुनिक निर्माण क्षेत्र (built-up area) विकसित किया जाएगा। इस एकीकृत परिसर की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:
- आधुनिक आईटी ऑफिस स्पेस: आईटी कंपनियों और स्टार्टअप्स के लिए 4 लाख वर्ग फीट का विशाल और विश्वस्तरीय ऑफिस स्पेस।
- कमर्शियल एवं होटल ब्लॉक: व्यावसायिक गतिविधियों और वैश्विक प्रतिनिधियों के लिए 2 लाख वर्ग फीट का कमर्शियल-कम-होटल कॉम्प्लेक्स।
- प्रीमियम सर्विस्ड अपार्टमेंट्स: बाहर से आने वाले टेक प्रोफेशनल्स और विशेषज्ञों के ठहरने के लिए 1.5 लाख वर्ग फीट क्षेत्र में लग्जरी सर्विस्ड अपार्टमेंट्स।
5,000 से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार का सृजन
इस टेक पार्क का मुख्य उद्देश्य देश-विदेश की प्रतिष्ठित आईटी, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCC), आईटी-सक्षम सेवाओं (ITeS) और उभरते स्टार्टअप्स को बिहार की ओर आकर्षित करना है। विभाग का अनुमान है कि इस परियोजना के पूर्ण होते ही राज्य में लगभग 5,000 से अधिक उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार के अवसर पैदा होंगे, जिससे स्थानीय प्रतिभाओं का पलायन रुकेगा।
आईटी हब बनने की ओर अग्रसर बिहार
विशेषज्ञों का मानना है कि गर्दनीबाग का यह इंटीग्रेटेड टेक पार्क न केवल पटना के शहरी और आर्थिक स्वरूप को एक नई पहचान देगा, बल्कि बिहार में एक सुदृढ़ आईटी और डिजिटल इकोसिस्टम के निर्माण में मील का पत्थर साबित होगा।