गुरूवार, 22 अक्टूबर 2026
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बिहार के पर्यावरणविदों के योगदान को सहेजने वाला पहला राज्य बना बिहार: ‘बिहार के पर्यावरण स्तंभ’ पुस्तक का विमोचन

पटना। बिहार विधान परिषद सभागार में मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को चर्चित पुस्तक ‘बिहार के पर्यावरण स्तंभ’ का गरिमामय एवं भव्य वातावरण में लोकार्पण संपन्न हुआ। यह पुस्तक राज्य के प्रमुख पर्यावरणविदों के जीवन, उनके संघर्षों और पर्यावरण संरक्षण में दिए गए उनके अतुलनीय योगदान का एक अनूठा संकलन है। इसके साथ ही बिहार देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहाँ राज्य स्तरीय पर्यावरणविदों के जीवन और कार्यों पर केंद्रित इस प्रकार की संकलित पुस्तक उपलब्ध हुई है।

यह भव्य लोकार्पण समारोह गुरुश्रेष्ठ प्रो. रास बिहारी प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बिहार सरकार के कला, संस्कृति एवं युवा विभाग तथा खान एवं भूतत्व विभाग के माननीय मंत्री डॉ. प्रमोद चंद्रवंशी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में देश-प्रदेश की कई नामचीन हस्तियों और शिक्षाविदों ने विशेष उपस्थिति दर्ज कराई, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल थे:

  • पद्मश्री प्रो. रवींद्र कुमार सिन्हा (‘डॉल्फिन मैन ऑफ इंडिया’ के नाम से प्रसिद्ध)
  • प्रो. संतोष कुमार (पूर्व प्राचार्य, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान)
  • प्रो. संजय पासवान (पूर्व केंद्रीय मंत्री)
  • अरविंद मिश्रा (प्रसिद्ध पक्षी विशेषज्ञ)
  • प्रो. चंद्रावती कुमारी (पूर्व विभागाध्यक्षा, पर्यावरण विज्ञान)

तीन वर्षों की कठिन साधना का परिणाम

पुस्तक के लेखक ने इस अवसर को अत्यंत भावुक और सुखद अनुभूति का क्षण बताते हुए कहा कि यह ग्रंथ बीते तीन वर्षों के अथक परिश्रम का प्रतिफल है। उन्होंने अपने गुरुजनों के मार्गदर्शन और उनके महान कार्यों को एक सूत्र में पिरोने का प्रयास किया है।

लेखक ने अपनी यात्रा को साझा करते हुए कहा, “जब इस पुस्तक की शुरुआत हुई थी, तब हमें यह अंदाजा नहीं था कि इसका लेखन कार्य किस प्रकार पूर्ण होगा। लेकिन समय और गुरुजनों के आशीर्वाद से हमें ऊर्जा मिलती गई और आज यह ऐतिहासिक दस्तावेज आप सभी के सामने है।” उन्होंने इस पूरी यात्रा में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया।

जल्द आएगी तीसरी पुस्तक

पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक नई मिसाल पेश करने वाले इस ग्रंथ के सफल लोकार्पण के साथ ही लेखक ने अपनी आगामी योजना का भी संकेत दिया। उन्होंने बताया कि बिहार के एक और अति-महत्वपूर्ण एवं विशेष मुद्दे पर केंद्रित उनकी तीसरी पुस्तक भी शीघ्र ही पाठकों के हाथों में होगी।

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