गुरूवार, 22 अक्टूबर 2026
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‘सांवला’ और ‘मोटा’ कहना क्या मानसिक क्रूरता है? छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने दिया अहम फैसला

तलाक से जुड़े एक मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने पति की याचिका खारिज करते हुए अहम टिप्पणी की। पति का आरोप था कि पत्नी उसे बार-बार ‘सांवला’ और ‘मोटा’ कहकर अपमानित करती थी और दोनों अलग-अलग रह रहे थे।

हालांकि, कोर्ट ने कहा कि केवल इस तरह के संबोधनों को अपने आप में मानसिक क्रूरता नहीं माना जा सकता। पति इन आरोपों के समर्थन में कोई ठोस सबूत भी पेश नहीं कर सका।

अदालत ने साफ किया कि तलाक जैसे गंभीर मामले में किसी एक आरोप या कथन के आधार पर मानसिक क्रूरता तय नहीं की जा सकती। इसके लिए परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों को भी देखना जरूरी है।

यानी मामला सिर्फ ‘सांवला’ या ‘मोटा’ कहे जाने का नहीं, बल्कि यह साबित करने का है कि क्या पति-पत्नी के बीच ऐसा व्यवहार कानूनी तौर पर मानसिक क्रूरता की उस सीमा तक पहुंचा, जिसे तलाक का आधार माना जा सके।

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