गुरूवार, 22 अक्टूबर 2026
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आरक्षण विस्तार: भाजपा सरकार के प्रमुख कदम

भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने पिछले एक दशक में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (EWS) को प्रशासनिक, शैक्षणिक और राजनीतिक मुख्यधारा में सशक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण और दूरगामी नीतिगत फैसले लिए हैं।

1. केंद्रीय शैक्षणिक संस्थानों और मेडिकल शिक्षा में OBC कोटा लागू करना वर्षों से अटके मुद्दों का समाधान करते हुए मोदी सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिए दरवाजे खोले:

  • मेडिकल (AIQ) में 27% आरक्षण: NEET AIQ के तहत स्नातक और स्नातकोत्तर (UG & PG) मेडिकल सीटों पर 27% OBC आरक्षण लागू किया गया, जिससे हर साल लगभग 4,000 से अधिक OBC छात्रों को डॉक्टर बनने का अवसर मिला। (PIB प्रेस रिलीज देखें)
  • केन्द्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालय: वर्ष 2020-21 से देश भर के केंद्रीय एवं जवाहर नवोदय विद्यालयों में प्राथमिक स्तर से ही 27% OBC कोटा अनिवार्य किया गया। (टाइम्स ऑफ इंडिया रिपोर्ट देखें)
  • सैनिक स्कूल: रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले सैनिक स्कूलों में 2021-22 से OBC समुदाय के बच्चों के लिए 27% सीटें आरक्षित की गईं। (टाइम्स ऑफ इंडिया रिपोर्ट देखें)

2. राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) को संवैधानिक दर्जा 2018 में 102वें संविधान संशोधन अधिनियम के तहत राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया गया। इससे पूर्व यह मात्र एक वैधानिक संस्था थी। अब आयोग के पास पिछड़े वर्गों के अधिकारों की रक्षा करने और शिकायतों की जांच के लिए दीवानी अदालत (Civil Court) जैसी शक्तियां हैं।

3. राज्यों को अपनी OBC सूची बनाने की शक्ति की बहाली (105वां संविधान संशोधन) सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद राज्यों द्वारा OBC सूची तैयार करने के अधिकार पर संशय पैदा हो गया था। भाजपा सरकार ने वर्ष 2021 में संसद में 105वां संविधान संशोधन विधेयक पारित कर राज्यों को उनकी अपनी OBC सूची बनाने और उसमें नई जातियों को जोड़ने की शक्ति पुनः प्रदान की।

4. EWS आरक्षण (103वां संविधान संशोधन) 2019 में 103वें संविधान संशोधन द्वारा सामान्य वर्ग के गरीब परिवारों के लिए 10% आरक्षण (EWS) लागू किया गया। इसकी खास बात यह थी कि इससे पहले से मौजूद 50% SC/ST/OBC आरक्षण से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई।

5. राज्यों में आरक्षण का विस्तार और कानूनी प्रयास मध्य प्रदेश में शिवराज सिंह चौहान और वर्तमान मोहन यादव सरकार के नेतृत्व में OBC समुदाय को 27% आरक्षण देने का प्रावधान किया गया, जिससे राज्य में कुल आरक्षण 73% तक पहुँच गया है। राज्य सरकार इस निर्णय को अदालतों में मजबूती से डिफेंड कर रही है। (द क्विंट रिपोर्ट देखें)

6. राष्ट्रीय स्तर पर जातिगत गणना को स्वीकृति सामाजिक-आर्थिक वास्तविकताओं को स्पष्ट रूप से समझने और लक्षित नीतियां (Targeted Welfare Schemes) बनाने के लिए केंद्र सरकार ने आगामी राष्ट्रीय जनगणना में डिजिटल माध्यम से ‘जातिगत विवरण’ दर्ज करने की सैद्धांतिक मंजूरी दी है। (PIB विज्ञप्ति देखें)

यह स्पष्ट दिखाता है कि केंद्र और राज्य स्तर पर नीतियां बनाकर, संस्थागत ढांचा मजबूत करके और प्रशासनिक फैसलों के माध्यम से सरकार ने आरक्षण के दायरे को व्यवहारिक रूप से बढ़ाने का काम किया है।

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