आपराधिक मामलों की निष्पक्षता के लिए गवाहों को निर्भीक बनाना जरूरी

दरभंगा: बिहार राज्य में आपराधिक मामलों की जांच, अभियोजन और विचारण को पूरी तरह निष्पक्ष बनाने तथा गवाहों को बिना किसी डर के गवाही देने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार अजय कुमार शर्मा ने उच्च न्यायालय पटना के निर्देश पर “बिहार गवाह सुरक्षा योजना, 2018” के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु यह बैठक बुलाई, जिसमें तमाम न्यायिक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
क्या है गवाह सुरक्षा योजना का उद्देश्य? बैठक के दौरान जानकारी दी गई कि आपराधिक मामलों के किसी भी प्रक्रम में यदि गवाहों या उनके परिवार के सदस्यों की जान, प्रतिष्ठा अथवा संपत्ति पर किसी प्रकार का खतरा मंडराता है, तो उसे दूर करना इस योजना का मुख्य लक्ष्य है। गवाहों को पूरी तरह निडर बनाकर अदालत में गवाही देने के लिए प्रेरित करने हेतु इस योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार और धरातल पर कड़ाई से क्रियान्वयन आवश्यक है। इसके संचालन और अनुश्रवण के लिए सरकार द्वारा ‘बिहार गवाह सुरक्षा कोष नियमावली, 2022’ का भी निर्माण किया जा चुका है।
सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर है आधारित यह योजना माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा रिट पिटीशन (क्रिमिनल) संख्या – 156/2016 (महेन्द्र चावला एवं अन्य बनाम भारत संघ एवं अन्य) के मामले में पारित न्यायादेश के अनुपालन स्वरूप लागू की गई है। जिला स्तर पर इसके सफल संचालन के लिए सभी संबंधित हितधारकों की सक्रिय सहभागिता पर जोर दिया जा रहा है।